Math Formula For Class - XI
Chapter No. Chapter Name
01. समुच्चय
02. संबंध एवं फलन
03. त्रिकोणमितीय फलन
04. सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण⋂
05. रैखिक असमिकाएँ
06. क्रमचय और संचय
07. द्विपद प्रमेय
08. अनुक्रम तथा श्रेणी
09. सरल रेखाएँ
10. शंकु परिच्छेद
11. त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय
12. सीमा और अवकलज
13. सांख्यिकी
14. प्रायिकता
Chapter :- 01
⋗ कुछ उदाहरण , जिनका प्रयोग गणित में विशेष रूप से किया जाता है ;
N : प्राकृत संख्याओं का समुच्चय
Z : पूर्णांकों का समुच्चय
Q : परिमेय संख्याओं का समुच्चय
R : वास्तविक संख्याओं का समुच्चय
Z+ : धन पूर्णांकों का समुच्चय
Q+: धन परिमेय संख्याओं का समुच्चय
R+ : धन वास्तविक संख्याओं का समुच्चय
⋗ सम्मिलन की संक्रिया के कुछ गुणधर्म :-
(i) AUB = BUA (क्रम विनिमय नियम)
(ii) (AUB) UC=AU (BUC) (साहचर्य नियम)
(iii) A U ф= A (तत्समक नियम , सिं संक्रिया का तत्समक अवयव है)
(iv) AUA = A (वर्गसम नियम)
(v) UUA = U (U का नियम )
* सर्वनिष्ठ संक्रिय के कुछ गुणधर्म :-
(i) A⋂B = B⋂A (क्रम विनिमय नियम)
(ii) (A⋂B) ⋂C= A ⋂(B⋂C) (साहचर्य नियम)
(iii) ф ⋂ A = ф , U ⋂ A = A ( ф और U के नियम )
(iv) A⋂A = A (वर्गसम नियम)
(v) A⋂ (BUC ) = (A⋂B ) U(A⋂C) ( वितरण या बंटने नियम )
* पूरकों के कुछ गुणधर्म :-
(1) पूरकों नियम :
(i) AUA' = U (ii) A⋂A' = Φ
(2) De Morgon का नियम :
(i) (AUB)' = A'B'. (ii) (A⋂B) = A'UB'
(3) द्विपूरक नियम :
(A')' =A
(4) Φ' और U के नियम ;
Φ' = U. और U' = Φ
इस नियमों का सत्यापन वेन आरेखों द्वारा किया जा सकता है।
* कुछ परिभाषाएं :-
• रिक्त समुच्चय - जिसमें एक भी अवयव नहीं होता है ।
• परिमित समुच्चय - जो रिक्त है अथवा अवयवों की संख्या निश्चित होती है ।
• अपरिमित समुच्चय - जो रिक्त है अथवा अवयवों की संख्या निश्चित नहीं होती है ।
• समान समुच्चय - दो समुच्चय A और B सामान कहलाते हैं , यदि उनमें तथ्यत: समान अवयव हो ।
A=B
• असमान समुच्चय - दो समुच्चय A और B असमान कहलाते हैं यदि उनमें तथ्यत: समान अवयव ना हो ।
A≠B
• उपसमुच्चय - यदि समुच्चय A का प्रत्येक अवयव , समुच्चय B का भी एक अवयव है, तो A , B का उपसमुच्चय कहलाते हैं ।
• एकल समुच्य - यदि समुच्चय A में केवल एक अवयव हो तो इसे एक एकल समुच्चय कहते हैं ।
• यदि A और B दो समुच्चय है यदि AcB तथा A=B , तो A, B का उचित उपसमुच्चय कहलाता है और B, A का अधिसमुच्चय कहलाता है ।
• वेन आरेख - समुच्चयों के बीच अधिकांश संबंधों को आरेखों द्वारा निरूपित किया जा सकता है , जिन्हें वेन आरेख कहते हैं ।
• असंयुक्त समुच्चय - यदि A और B ऐसे दो समुच्चय है कि ACB= $ , तो A और B असंयुक्त समुच्चय कहलाते हैं ।
• De Morgan का नियम - दो समुच्चयों के सम्मिलन का पूरक उनके पूरक समुच्चयों का सार्वष्निष्ठ होता है तथा दोनों समुच्चयों के सार्वनिष्ठ का पूरक उनके पूरक समुच्चयों का सम्मिलन होता है ।
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