Chapter :- 12 , 13 , & 14

 Chapter - 12 ( सीमा और अवकलज ) 

  

• फलन का अपेक्षित मान जो एक बिंदु के बाईं ओर के बिंदुओं पर निर्भर करता है, बिंदु पर फलन के बाएँ पक्ष की सीमा (Left handed limit) को परिभाषित करता है। इसी प्रकार दाएँ पक्ष की सीमा (Right handed limit)।

• एक बिंदु पर फलन की सीमा बाएँ पक्ष और दाएँ पक्ष की सीमाओं से प्राप्त उभयनिष्ठ मान हैं यदि वे संपाती हों।

• यदि किसी बिंदु पर बाएँ पक्ष और दाएँ पक्ष की सीमाएँ संपाती न हों तो यह कहा जाता है कि उस बिंदु पर फलन की सीमा का अस्तित्व नहीं है।

• एक वास्तविक संख्या aऔर एक फलन f के लिए lim f(x) और f(a) समान नहीं भी xa हो सकते (वास्तव में, एक परिभाषित हो और दूसरा नहीं)

• फलनों और g के लिए निम्नलिखित लागू होते हैं: lim[f(x)+g(x)]=lim f(x)+lim g(x) xa xa xa lim[f(x).g(x)]= lim f(x).lim g(x) xa xa f(x) lim f(x) lim xa xa g(x) lim g(x) D-X xa

• निम्नलिखित कुछ मानक सीमाएँ हैं। x" -a" lim -=na"-1 xa x-a sin x lim =1 0-x X

• lim x -> 0 (1 - cos x)/x = 0

• a पर फलन f का अवकलज से परिभाषित होता है। f' * (a) = lim h -> 0 (f(a + h) - f(a))/h

• प्रत्येक बिंदु पर अवकलज, अवकलज फलन से परिभाषित होता है। f' * (x) = (df(x))/(dx) = lim h -> 0 (f(x + h) - f(x))/h

• फलनों और v के लिए निम्नलिखित लागू होता है:

• (u+v)'=u'±v' (uv)'=u'v+uv'

• (u/v)' = (u' * v - u * v')/(v ^ 2) बशर्ते सभी परिभा

• निम्नलिखित कुछ मानक 

d/dx (x ^ n) = n * x ^ (n - 1) 

d/dx (sin x) = cos x 

d/dx (cos x) = - sin x





Chapter - 13 ( सांख्यिकी ) 

 

 • प्रकीर्णन की माप आँकड़ों में बिखराव या विचरण की माप। परिसर, चतुर्थक विचलन, माध्य विचलन व मानक विचलन प्रकीर्णन की माप हैं। परिसर = अधिकतम मूल्य न्यूनतम मूल्य -

• अवर्गीकृत आँकड़ों का माध्य विचलन

M.D. (x) = ∑(x-x) n M.D. (M) = Σ(Χ - Μ) N

जहाँ x = माध्य और M = माध्यिका

• वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य विचलन

M.D. (x) = (-) N M.D. (M) = 2(x-M) जहाँ N = f

• अवर्गीकृत आँकड़ों का प्रसरण और मानक विचलन

Σ Σαlismed N (x-x)? हाँ N=

=² = ∑(x-x)², σ= =σ = 1 n VN

• असतत बारंबारता बंटन का प्रसरण तथा मानक विचलन

1 ²= (xx), N VN

• सतत बारंबारता बंटन का प्रसरण तथा मानक विचलन

1 = N 1 (-)-(Σ) σ = N N 2

• प्रसरण और मानक विचलन ज्ञात करने की लघु विधि

2 σε h N2 12 N h 2 ² = [ΝΣ - (Σινι)], [fiyi (yi) σ NV N ΝΣ

जहाँ y = x-A h

• समान माध्य वाली श्रृंखलाओं में छोटी मानक विचलन वाली श्रृंखला अधिक संगत या कम विचरण वाली होती है।





Chapter - 14 ( प्रायिकता ) 


 • घटनाः प्रतिदर्श समष्टि का एक उपसमुच्चय

• असंभव घटनाः रिक्त समुच्चय

• निश्चित घटनाः पूर्ण प्रतिदर्श समष्टि

• पूरक घटना या नहीं-घटना : समुच्चय A' या S - A S-A

• घटना A या B: समुच्चय A B

• घटना A और B: समुच्चय A B

• घटना A किंतु B नहीं: समुच्चय AB परस्पर अपवर्जी घटनाएँ: A और B परस्पर अपवर्जी होती हैं यदि AB =

निःशेष व परस्पर अपवर्जी घटनाएँ: घटनाएँ E,, E₂,.., E, परस्पर अपवर्जी व निःशेष हैं यदि E, UE₂U... UE = S और E, E = $ ¥i #j

• प्रायिकता : प्रत्येक प्रतिदर्श बिंदु ) के संगत एक संख्या P (@) ऐसी है कि

(i) 0≤P(0) ≤1

(ii) P (@₁) सभी ०, ∈ S = 1

(iii) P(A) = ∑P(@₁) सभी @ ∈ A संख्या P(o) परिणाम ०. की प्रायिकता कहा जाता है।

• सम संभावित परिणाम: समान प्रायिकता वाले सभी परिणाम घटना की प्रायिकता: एक सम संभावित परिणामों वाले परिमित प्रतिदर्श समष्टि के लिए घटना A की प्रायिकता P(A) = n(A), जहाँ n(A) = समुच्चय A में अवयवों की संख्या n(S) और n(S) = समुच्चय S में अवयवों की संख्या

• यदि A और B कोई दो घटनाएँ हैं, तो P(A या B) = P (A) + P(B) P (A और B) समतुल्यत: P (AB) = P(A) + P(B)-P(A∩ B)

• यदि A और B परस्पर अपवर्जी हैं, तो P (A या B) = P(A) + P(B)

• किसी घटना A के लिए

P(A-नहीं) = 1 - P(A)



                The End 

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