Chapter - 09, 10 & 11
Chapter :- 08 ( सरल रेखाएं )
• (x, y) और (x, y₂) बिंदुओं से जाने वाली ऊर्ध्वत्तर रेखा की ढाल m इस प्रकार है m = У2-У1 – У-У2, X17X2. = X2-X1 X1-X2
• यदि एक रेखा x-अक्ष की धन दिशा से α कोण बनाती है तो रेखा की ढाल m = tan α , α ≠ 90° है।
• क्षैतिज रेखा की ढाल शून्य है और ऊर्ध्वाधर रेखा की ढाल अपरिभाषित है।
• m₁ और m₂ ढालों वाली रेखाओं L, और L₂ के बीच का न्यून कोण 0 (मान लिया) हो तो m2-m₁ ,1 + m₁ m₂ ≠ 0 tane = 1+ mm2
• दो रेखाएँ समांतर होती हैं यदि और केवल यदि उनके ढाल समान हैं।
• दो रेखाएँ लंब होती हैं यदि और केवल यदि उनके ढालों का गुणनफल -1 है।
• तीन बिंदु A, B और C सरेख होते हैं यदि और केवल यदि AB की ढाल = BC की ढाल ।
• x-अक्ष से व दूरी पर स्थित क्षैतिज रेखा का समीकरण या तो y = a या y = - a है।
• y -अक्ष से b दूरी पर स्थित ऊर्ध्वाधर रेखा का समीकरण या तो x = b या x = - b
• स्थिर बिंदु (x, y) से जाने वाली और ढाल m वाली रेखा पर बिंदु (x, y) स्थित होगा यदि और केवल यदि इसके निर्देशांक समीकरण y-yo = m (x-x) को संतुष्ट करते हैं।
• बिंदुओं (x, y₁) और (x, y₂) से जाने वाली रेखा का समीकरण इस प्रकार है, y-y₁ = 2(x-x₁) X2-X1
• ढाल m और y-अंत: खंड वाली रेखा पर बिंदु (x, y) होगा यदि और केवल यदि y = mx + c.
• यदि ढाल m वाली रेखा x-अंत: खंड d बनाती है तो रेखा का समीकरण y = m (x - d) है।
• x- और -y अक्षों से क्रमशः a और b अंतः खंड बनाने वाली रेखा का समीकरण x/a + y/b = 1
• यदि A और B एक साथ शून्य न हों तो Ax + By + C = 0 के रूप का कोई समीकरण रेखा का व्यापक रैखिक समीकरण या रेखा का व्यापक समीकरण कहलाता है।
• एक बिंदु (x, y) से रेखा Ax + By + C = 0 की लांबिक दूरी (d) = |A*x_{1} + B*y_{1} + C|/(sqrt(A ^ 2 + B ^ 2))
• समांतर रेखाओं Ax + By + C_{1} = 0 और की दूरी है। d = |C_{1} - C_{2}|/(sqrt(A ^ 2 + B ^ 2)) Ax + By + C_{2} = 0
• P(x₁, y₁) और Q (x2, y2) बिंदुओं के बीच की दूरी है। PQ = sqrt((x_{2} - x_{1}) ^ 2 + (y_{2} - y_{1}) ^ 2)
• (x₁y₁) और (x2, y2) बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड को m: n में अंतःविभाजित करने वाले बिंदु के निर्देशांक ( mx2+nx1 my2+ny1 m+n हैं। m+n
• विशेष रूप में यदि m = n, तो (x₁ y₁) और (x2, y2) बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड के मध्य बिंदु के निर्देशांकहैं। ((x_{1} + x_{2})/2, (y_{1} + y_{2})/2)
• (x₁, y₁), (x2, y2) और (x3,y3) शीर्षों से बने त्रिभुज का क्षेत्रफल वर्ग इकाई है। 1/2|x_{1}(y_{2} - y_{3}) + x_{2}(y_{3} - y_{1}) + x_{3}(y_{1} - y_{2})|
Chapter :- 10 ( शंकु परिच्छेद )
• एक वृत्त, तल के उन बिंदुओं का समुच्चय है जो तल के एक स्थिर बिंदु से समान दूरी पर होते हैं।
• केंद्र (h, k) तथा त्रिज्या के वृत्त का समीकरण (x - h) ^ 2 + (y - k) ^ 2 = r ^ 2 है।
• एक परवलय तल के उन सभी बिंदुओं का समुच्चय है जो एक निश्चित सरल रेखा और तल के एक निश्चित बिंदु से समान दूरी पर हैं।
• नाभि (a, 0), a > 0 और नियता x = a वाले परवलय का समीकरण y ^ 2 = 4ax है।
• परवलय की नाभि से जाने वाली और परवलय के अक्ष के लंबवत रेखाखंड जिसके अंत्य बिंदु परवलय पर हों, को परवलय की नाभिलंब जीवा कहते हैं।
• परवलय y ^ 2 = 4ax के नाभिलंब जीवा की लंबाई 4a है।
• एक दीर्घवृत्त तल के उन बिंदुओं का समुच्चय है जिनकी तल में दो स्थिर बिंदुओं से दूरी का योग अचर चर होता है।
• x-अक्ष पर नाभि वाले दीर्घवृत्त का समीकरण है। (x ^ 2)/(a ^ 2) + (y ^ 2)/(b ^ 2) = 1
• दीर्घवृत्त की किसी भी नाभि से जाने वाली और दीर्घ अक्ष पर लंबवत रेखाखंड, जिसके अंत्य बिंदु दीर्घवृत्त पर हों, को दीर्घवृत्त की नाभिलंब जीवा कहते हैं।
• x2 y2 दीर्घवृत्त+ a²b² 262 है। + 2 = 1 के नाभिलंब जीवा की लंबाई a है ।
• दीर्घवृत्त की उत्केंद्रता, दीघर्वृत्त के केंद्र से नाभि और केंद्र से शीर्ष की दूरियों का अनुपात है।
• एक अतिपरवलय तल के उन सभी बिंदुओं का समुच्चय है जिनकी तल में दो स्थिर बिंदुओं से दूरी का अंतर अचर होता है।
• x-अक्ष पर नाभि वाले अतिपरवलय का समीकरण x2 y2 =1है। a² b² 2
• अतिपरिवलय की किसी भी नाभि से जाने वाली और अनुप्रस्थ पर लंबवत रेखाखंड जिसके अंत्य बिंदु अतिपरवलय पर हों, को अतिपरवलय की नाभिलंब जीवा कहते हैं।
• अतिपरवलय x² y = 1 के नाभिलंब जीवा की लंबाई 262 a² b² a है।
• अतिपरवलय की उत्केंद्रता, अतिपरवलय के केंद्र से नाभि और केंद्र से शीर्ष की दूरियों का अनुपात है।
Chapter :- 11 ( त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय )
• त्रिविमीय ज्यामिति के समकोणिक कार्तीय निर्देशांक निकाय में निर्देशांक्ष तीन परस्पर लंबवत् रेखाएँ होती हैं।
• निर्देशांक्षों के युग्म, तीन तल निर्धारित करते हैं जिन्हें निर्देशांक्ष तल XY-तल, YZ-तल व ZX-तल कहते हैं।
• तीन निर्देशांक्ष तल अंतरिक्ष को आठ भागों में बाँटते हैं जिन्हें अष्टांश कहते हैं।
• त्रिविमीय ज्यामिति में किसी बिंदु P के निर्देशांकों को सदैव एक त्रिदिक (x, y, z) के रूप में लिखा जाता है। यहाँ x, YZ-तल से, y, ZX तल से व 2, XY तल से दूरी है।
(i) x-अक्ष पर किसी बिंदु के निर्देशांक (x,0,0) हैं।
(ii) y-अक्ष पर किसी बिंदु के निर्देशांक (0,y,0) हैं।
(iii) z-अक्ष पर किसी बिंदु के निर्देशांक (0,0,z) हैं।
• दो बिंदुओं P(x, y, z₁) तथा Q (x2, y2, 22) के बीच का PQ=√(x2-x₁)²+(2-1)²+(22-21)2
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