Chapter - 02 ( संबंध एवं फलन ) (i) दो क्रमित युग्म समान होते हैं, यदि और केवल यदि उनके संगत प्रथम घटक समान हों और संगत द्वितीय घटक भी समान हों। (ii) यदि A में p अवयव तथा B में q अवयव हैं, तो AX B में pq अवयव होते हैं अर्थात् यदि n(A) = p तथा n (B) = q, तो n(A × B) = pq. (iii) यदि A तथा B अरिक्त समुच्चय हैं और A या B में से कोई अपरिमित है, तो A × B भी अपरिमित समुच्चय होता है। (iv) A×A×A = {(a, b, c): a, b, c∈ A}. यहाँ (a, b, c) एक क्रमित त्रिक कहलाता है। • A से A के संबंध को 'A पर संबंध' भी कहते हैं। • यदि (a, b) = (x, y) तो a=x तथा b=y • A×¢ =¢ फलनों का बीजगणित - (f+g) (x) = f(x) + g(x), x ∈ X (f-g) (x) = f (x) - g(x), x ∈ X (f.g) (x) = f (x) .g (x), x ∈ X, k कोई अचर है। (kf) (x) = k (f(x)), x ∈ X f(x) = f(x) g g(x) , x ∈ X, g(x) ≠ 0 कुछ परिभाषाएं :- • किसी अरिक्त समुच्चय A से अरिक्त समुच्चय B में संबंध कार्तीय गुणन A × B का एक उपसमुच्चय होता है यह उपसमुच्चय A × B के क्रमति युग्मों के प्रथम तथा द्वितीय घटकों के मध्य एक संबंध स्थापित करने ...
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